बहुत याद आया

बहुत याद आया

सिर्फ बंधन को विश्वास नहीं कहते,
हर आंसू को जज्बात नहीं कहते.
किस्मत से मिलते है ये रिश्ते जिंदगी में,
इसलिए रिश्तो को कभी इतेफाक नहीं कहते.


Sirf bandhan ko viswas nahi kehte,
Har aansu ko jazbat nahi kehte.
Kismat se milte hai ye riste zindagi mein,
isliye rishto ko Kabhi itefaq nai kehte.

आज वो रूठा हुआ शख्स बहुत याद आया,
कुछ अच्छा बिताया वक्त बहुत याद आया.
छुपा लेता था जो अपने दिल में मेरा हर दर्द,
आज जब दर्द हुआ तो वो दिल बहुत याद आया.

Aaj vo rutha hua shaks bahut yad aya,
kuch acha bitaya waqt bahut yad aya.
Chhupa leta tha jo apne dil me mera har dard,
aj jab dard hua to vo dil bahut yaad aaya.

जिंदगी से बस यही गिला है,
खुशी के बाढ़ क्यों ग़म मिला है.
हमने तो उनसे वफ़ा ही की थी,
पर नहीं जानते थे
की वफ़ा का बेवफाई ही सिला है.

Zindagi se bas yehi gila hai,
Khushi ke baadh kyu gham mila hai.
Humne to unse wafaa hi ki thi,
Par nahi jaante the
ki wafa kaa bewafaai hi silaa hai.

बहुत याद आया

तन्हाई किसी का इन्तज़ार नहीं करती,
किस्मत कभी बेवफाई नहीं करती.
उनसे दूर होने का असर है वरना,
परछाई कभी जिस्म पर वार नहीं करती.

Tanhai kisi ka intezar nahi karti,
Kismat kabhi bewafai nahi karti.
Unse dur hone ka asar hai warna,
Parchai kabhi jism par waar nahi karti.

विजय – मेरे पास कार है,
बंगला है,पैसा है.
तुमरे पास क्या है?
रवि – मेरे पास भी कार है,
बंगला है,पैसा है..
विजय – अबे तो फिर माँ किसके पास है?????

Vijay-Mere pas car hai,
bunglow hai,paisa hai.
tumare pas kya hai?
Ravi-Mere pas Bhi car hai,
bunglow hai,paisa hai..
Vijay- Abey To phir maa kiske paas hai?????